The Bell

The Bell — cover The Bell — page 1

एक ऐसे क्षेत्र में जहाँ सपने रेल की पटरियों पर दौड़ते थे, वहाँ एलाना, घंटी-रक्षक; साइलस, सपनों का कंडक्टर; और मारा, दुःस्वप्न बुनने वाली, रहते थे। उनकी रेलवे, फुसफुसाते जंगलों और चमकते आसमान से गुज़रती हुई एक सर्पाकार पटरी, सोई हुई दुनिया को जागृत दुनिया से जोड़ती थी। लेकिन घंटियों पर एक सन्नाटा छा गया, मारा द्वारा दिया गया एक अभिशाप, जो दोनों दुनियाओं को अंतहीन रात में डुबोने की धमकी दे रहा था। केवल एलाना, अपने संवेदनशील हृदय के साथ, इस जादू को तोड़ सकती थी और सद्भाव बहाल कर सकती थी।

The Bell — page 2

एलारा हर सुबह घंटियों को चमकाती थी, उनकी झंकार रेलवे की धड़कन थी। "घंटी की स्पष्टता ही सब कुछ है," सिलास अक्सर उससे कहता था, उसकी आँखों में प्राचीन ज्ञान की चमक होती थी। एक दिन, हवा में एक अजीब सी खामोशी छा गई। घंटियों ने बजने से इनकार कर दिया। एलारा, चिंता से उसकी भौंहें सिकुड़ी हुई थीं, सिलास के पास दौड़ी। "घंटियाँ, वे शांत हैं! क्या हुआ है?"

The Bell — page 3

"मारा," सिलास ने गंभीर स्वर में कहा, उसके चेहरे पर चिंता की लकीरें थीं। "उसने घंटियों को शांत कर दिया है। उसका ईर्ष्या एक ज़हर है, एलारा। केवल एक शुद्ध हृदय ही इसका मुकाबला कर सकता है।" उसने उसे एक छोटा, साधारण सा संगीत बक्सा दिया। "इसमें एक भूली हुई धुन है, जिसे मारा ने बहुत पहले छोड़ दिया था। यह सहानुभूति का संगीत है।" एलारा ने बक्से को कसकर पकड़ लिया, उसका दिल ज़ोर से धड़क रहा था, फिर उसने अपने हाथ में रखे बक्से को देखा।

The Bell — page 4

एलारा फुसफुसाते हुए जंगल में चली गई, म्यूजिक बॉक्स उसकी जेब में सुरक्षित रखा हुआ था। एक टेढ़ा-मेढ़ा आकृति परछाई से उभरी, उसकी आवाज़ रेशमी फुसफुसाहट जैसी थी। "मुझे बक्सा दे दो, बच्ची," मारा फुफकारी। "इसका संगीत तुम पर बर्बाद हो रहा है।" एलारा दृढ़ खड़ी रही। "कभी नहीं! घंटियाँ फिर से बजनी चाहिए।"

The Bell — page 5

मारा ने भ्रम पैदा किया, सोने के चमकते सिक्के जो एलारा की आँखों के सामने नाच रहे थे। "माप से परे धन," मारा ने फुसफुसाया। "कल्पना करो कि तुम कितनी शक्ति का प्रयोग कर सकती हो!" एलारा ने अपना सिर हिलाया, चमकते प्रलोभन से दूर हट गई। "सोना क्षणभंगुर है, मारा। सद्भाव शाश्वत है।"

The Bell — page 6

हताश होकर, मारा ने एलारा के सबसे गहरे डर का एक दर्शन प्रकट किया: एक ऐसी दुनिया जिसे दुःस्वप्नों ने निगल लिया था, रेलवे टूट गई थी, और साइलस अराजकता में खो गया था। "क्या तुम यही चाहती हो?" मारा ने ताना मारा। "एक सपनों के बिना की दुनिया? मुझे वह डिब्बा दो, और मैं उसे बख्श दूंगी।" एलारा की आँखों में आँसू भर आए, लेकिन उसने संगीत के डिब्बे को कसकर पकड़े रखा। "मैं एक सपने को दूसरे के दुःस्वप्न के लिए नहीं बदलूंगी।"

The Bell — page 7

"तुम सबको नहीं बचा सकती, एलारा," मारा ने थूकते हुए कहा, उसका रूप क्रोध से काँप रहा था। "कभी-कभी, सबसे बड़ी ताकत जाने देने की इच्छा होती है।" एलारा ने संगीत बक्सा खोला। एक नाजुक धुन हवा में भर गई, साझा दुख और भूली हुई आशाओं की धुन। "'दुनिया की सबसे अच्छी और सबसे खूबसूरत चीजें देखी या छुई नहीं जा सकतीं - उन्हें दिल से महसूस किया जाना चाहिए,'" एलारा ने फुसफुसाते हुए कहा, हेलेन केलर की बात याद करते हुए। "मैं महसूस करना चुनती हूँ।"

The Bell — page 8

यह धुन मारा के खोए हुए सपनों में गूँज उठी, उसकी ईर्ष्या पिघल गई, और एक आँसू उसके गाल पर लुढ़क गया। दुःस्वप्न घुल गए, रेलवे खुद ही ठीक हो गई। सिलास प्रकट हुआ, उसकी आँखें राहत और समझ से भरी हुई थीं। उसने धीरे से कहा, "घंटियाँ फिर से बज रही हैं।"

The Bell — page 9

एलारा ने मारा के पास जाकर अपना हाथ बढ़ाया। उसने धीरे से कहा, "हम सभी के साये होते हैं, मारा। लेकिन घंटियाँ सबके लिए बजती हैं।" मारा, पहले तो झिझकी, फिर उसने एलारा का हाथ थाम लिया। जंगल में एक हल्की सी झंकार गूँज उठी, क्षमा और स्वीकृति की ध्वनि।

The Bell — page 10

ड्रीम रेलवे अपने नींद के कीमती माल को ले जा रही थी, घंटियाँ आशा और उपचार की एक सिम्फनी बजा रही थीं। एलारा, अब दोनों दुनिया की संरक्षक, सिलास के बगल में खड़ी थी, ट्रेनों को क्षितिज में सरकते हुए देख रही थी। जिस ईर्ष्या से उसने लड़ाई लड़ी थी, वह उस स्वीकृति में बदल गई जिसे उसने अपनाया था, क्योंकि सबसे अंधेरे दिल भी सहानुभूति की रोशनी के लिए तरसते हैं।